Saturday, June 22, 2024

महात्मा गांधी पर टिप्पणी करने वाले कालीचरण के शैक्षणिक जीवन का चौंकाने वाला रहस्य

छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित धर्म संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले कालीचरण को आखिरकार मध्य प्रदेश से पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया। रायपुर में हुई एफआईआर के बाद पुलिस की कई टीमें कालीचरण की तलाश में रवाना हो गई थीं। जिसके बाद गुरुवार को मध्य प्रदेश के खजुराहो से कालीचरण को पुलिस ने धर दबोचा।

14 दिनों के लिए भेजा गया जेल

गिरफ्तारी के बाद उसकी लीगल टीम ने कोर्ट में जमानत को लेकर याचिका लगाई थी हालांकि, कोर्ट ने उसे खारिज करते हुए बाबा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जानकारी के मुताबिक, कालीचरण 3 जनवरी को जमानत याचिका दाखिल करेगा।

गोडसे को किया नमस्कार

बता दें, रायपुर के रावनपाठा ग्राउंड में 26 दिसंबर को आयोजित धर्म संसद में कालीचरण ने खुले मंच से बापू के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया था। उसने कहा था कि 1947 में मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया।

कालीचरण के खिलाफ दर्ज हुआ राजद्रोह का मुकदमा 

बाबा के विवादित बयानों के चलते पुलिस ने उसके खिलाफ पहले धारा 294, 505(2) के तहत केस दर्ज किया था, हालांकि बाद में राजद्रोह भी जोड़ दिया। इसी के साथ उसके खिलाफ धारा 153 A (1)(A), 153 B (1)(A), 295 A ,505(1)(B), 124A के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

बाबा की रिहाई की मांग

मालूम हो, बाबा के समर्थन में कई हिंदू संगठनों ने बीते दिन नारेबाजी की। इसके अलावा उसकी रिहाई की मांग को लेकर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुआ। गुणगांव में बीते दिन बजरंग दल के तमाम कार्यकर्ताओं ने नाथूराम गोडसे अमर रहें और कालीचरण महाराज जिंदाबाद के नारे लगाए।

अभिजीत से कालीचरण तक का सफर

महात्मा गांधी पर विवादित टिप्पणी करने वाले कालीचरण का असली नाम अभिजीत सारग है। वह मूल रुप से महाराष्ट्र के अकोला का निवासी है। इसके पिता धनंजय सारग अकोला में ही मेडिकल स्टोर चलाते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कालीचरण ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। यह सिर्फ 8वीं तक ही शिक्षित है। बता दें, सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें यह शिव तांडव स्त्रोत का पाठ कर रहा था। इस वीडियो को लोगों ने काफी पसंद किया था जिसके बाद यह रातों-रात प्रसिद्ध हो गया।

खबरों के मुताबिक, कालीचरण ने साल 2017 में अकोला नगर निकाय से चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, इस दौरान उसे मुंह की खानी पड़ी थी।

स्कूल जाने पर करता था नाटक

अपनी निजी जिंदगी के विषय में बात करते हुए कालीचरण ने एक इंटर्व्यू में बताया था कि वह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। उसकी शिक्षा सिर्फ 8वीं तक ही हुई है। कालीचरण ने इस विषय में बात करते हुए कहा था कि मेरी पढ़ाई लिखाई करने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। मैं स्कूल जाने से बचता था। जब भी घरवाले जबरदस्ती स्कूल भेजते तो मैं बीमार होने का नाटक कर लेता।

भय्यू जी महाराज ने दी दीक्षा

जैसे-तैसे 8वीं तक शिक्षा पूरी करने के बाद कालीचरण इंदौर अपनी मौसी के यहां आ गया। यहां उसकी मुलाकात भय्यू जी महाराज से हुई, थोड़े ही दिनों में वह महाराज का चेला बन गया और उसकी रुचि धर्म की ओर बढ़ने लगी। कहा जाता है कुछ सालों बाद अभिजीत सारग नाम के इस लड़के ने दीक्षा ली और कालीचरण महाराज बन गया।

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