Sunday, April 14, 2024

मेहनत ने बनाया किसान के बेटे को अरबों का मालिक, खरीदा 100 करोड़ का हेलीकॉप्टर, दुनिया में हो रही वाहवाही

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दुनिया में ऐसे कई लोग है जिनके पास कुछ कर दिखाने का मौका और संसाधन दोनों होते है लेकिन फिर भी वे अपनी काबिलियत दुनिया के सामने दिखाने में नाकाम रहते है. वहीँ दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी होते है जो लाख मुसीबतों के बावजूद भी खुद को एक बेहतर कल के लिए तैयार कर लेते है. बात करते इन्ही लोगो की जो अपनी कड़ी मेहनत, लगन, और जोश के चलते अपने नाम का डंका दुनिया में बाजवा रहे है. इन्ही में से एक नाम है केरल के एक छोटे से गांव के रहने वाले रवि पिल्लई का. आइये जानते है इनकी कहानी.

किसान परिवार से आते है रवि पिल्लई

ज़्यादातर लोग किसान या उनसे जुड़ी बातें करते है तो ज़हन में धूल मिट्टी और गरीबी ही आती है ऐसे में, इसी मिट्टी में पले बढे़ रवि ने दुनिया का नज़रिया और विचारधारा दोनों पलट कर रख दिया है. दुनिया का मानना यही है की किसान परिवार का बेटा भी बड़े होकर किसानी ही करेगा, लेकिन इस बात को रवि पिल्लई ने पूरी तरह झुटलाया है. इनका जन्म 2 सितम्बर 1953 में हुआ था, पिता किसान थे और खेतीबाड़ी से ही घर का चूल्हा जला करता था. ऐसे में बचपन से ही रवि को सिर्फ उतना मिला जितना परवरिश के लिए महत्वपूर्ण था, शौक पुरे करना उन्होंने सीखा ही नहीं.

इसके अलावा रवि के पिता अपने बेटे की पढ़ाई लिखाई को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे. उनके लिए पढाई ज़रूरी थी और वे नहीं चाहते थे कि उनका बेटा किसान बने. रवि ने किसी स्थानीय कॉलेज से स्नातक की और कोच्चि युनिवेर्सिटी से अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी की थी. आपको बता दें की रवि शुरुआत से ही बिज़नेस में काफी रूचि रखा करते थे.

चिट-फंड कंपनी से बिज़नेस की दुनिया में रखा था कदम

रवि अपनी स्कूली दिनों से ही बिज़नेस में रुचि रखते थे. वे अपनी ज़िंदगी में किसी के नीचे काम नहीं करना चाहते थे. आपको बता दें की रवि ने पढ़ाई करते करते ही अपने बिज़नेस आईडिया पर काम करना शुरू कर दिया था. क्योंकि रवि किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे, पैसे इन्वेस्ट करने में उन्हें दिक्कतें आ रहीं थी. ऐसे में उन्होंने अपने ही किसी दोस्त से उधार लेकर चिट-फंड कंपनी शुरू की. मेहनत और लगन के चलते उन्होंने अपनी कंपनी से मुनाफा कामना शुरू कर दिया और में उधार मे ली हुई रकम भी चुका दी.

रवि ने अपने भविष्य के लिए कुछ और सोच रखा था. वे शुरुआत से ही एक कंस्ट्रक्शन कंपनी शुरू करना चाहते थे और उन्होंने चिट फंड कंपनी से कमाए हुए मुनाफे को इकठ्ठा करके कंपनी शुरू करने की ठानी.

झेलना पड़ा नुसकान

शुरुआत में जब रवि ने कंस्ट्रक्शन कंपनी शुरू करने की सोची तब उन्हें घाटे का अंदाज़ा नहीं था. उन्हें पहला आर्डर वेल्लोर हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट फैक्ट्री की तरफ से बिल्डिंग बनाने का मिला था जिसमे उन्हें काफी घाटे का सामना करना पड़ा. दरअसल मजबूरन उन्हें मजदूरों की कमी से यूनिट बंद करनी पड़ी, जिस से उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा.

दोबारा आज़माया हाथ

गिरकर उठने वाले को ही बाज़ीगर कहते है, भले से रवि पिल्लई को अपने पहले बिज़नेस में नुकसान का सामना करना पड़ा था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने एक बार फिर खुद को आज़माया, साऊदी अरब में नसीर एस हल हाजरी के नाम से उन्होंने कंस्ट्रक्शन कंपनी की शुरुआत करी, और इस बार रवि की मेहनत रंग लाई और बिज़नेस ज़ोर शोर से चलने लगा था.

खरीदा 100 करोड़ का आधुनिक हेलीकॉप्टर

मेहनत की चर्चा लोग करें न करें लेकिन सफलता की चर्चा दुनिया करती है. रवि पिल्लई ने जब एयरबस एच 145 हेलीकॉप्टर खरीद तो दुनिया उनकी वाहवाही करते नहीं थक रही थी. आपको बता दें की एयरबस एच 143 सबसे आधूनिक हेलीकॉप्टर में आता है और जहां तक इसकी कीमत की बात है यह 100 करोड़ का है. जानकारी के लिए आपको बता दें की इस हेलीकॉप्टर में पायलट के अलावा 7 यात्री सवार हो सकते है.

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