बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपने टैलेंट के दमपर फिल्म इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेसेस की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया है। उन्हें नके बेबाक और बोल्ड स्वभाव के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि हुमा अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं।
अब एक बार फिर एक्ट्रेस अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में छा गई हैं। दरअसल, हुमा ने महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी करने वालों को लेकर जमकर लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के पहनावे पर टिप्पणी करने के बजाए पुरुषों को अपने काम से काम रखना चाहिए। यह बात एक्ट्रेस ने अपनी आगामी फिल्म वालिमई के प्रमोशन के दौरान कही।

जनवरी में रिलीज़ हुई थी फिल्म
बता दें, अभिनेत्री इन दिनों अपनी आगामी फिल्म वालिमई को लेकर चर्चाओं में बनी हुई हैं। साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार अजीत कुमार स्टारर यह फिल्म अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ के लिए रैडी है। इससे पहले जनवरी के माह इस मूवी को तेलूगु, हिंदी और तमिल में सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया था। इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था।
‘ये फिल्म बहुत महत्वपूर्ण थी..’
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज़ को लेकर हुमा एक समाचार पत्र से बातचीत करने पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने बड़ी बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। एक्ट्रेस से जब इस बिग बजट फिल्म का हिस्सा बनने को लेकर प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि, यह फिल्म मेरे लिए बहुत बड़ा अवसर था। मुझे हमेशा से एक्शन फिल्में पसंद रही हैं। मैं सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं हूं बल्कि फिल्म का प्लॉट कैरेक्टर प्लॉट को आगे लेकर जाता है। मैं फिल्म में कुछ जोड़ पा रही थी इसलिए ये फिल्म मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण थी।

असमान वेतन पर बोलीं हुमा
इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड में अक्सर ज़ोर पकड़ने वाले मुद्दों पर भी खुलकर बात की। जब उनसे फिल्म इंडस्ट्री में पे डिस्पैरिटी यानी कि असमान वेतन को लेकर सवाल किया गया तो एक्ट्रेस ने कहा कि, महिलाओं को अक्सर क्रेडिट नहीं दिया जाता है। पुरुष प्रधान इस दुनिया में पेपर पर समान अधिकार हैं लेकिन असलियत में नहीं। हम सभी इसे ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। क्या हम सभी 100 फीसदी समान पेमेंट पाएंगे? मुझे नहीं लगता।
‘अपने काम से मतलब रखें पुरुष..’
वहीं, महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने के विषय पर बात करते हुए हुमा ने पुरुषों को कड़े शब्दों में नसीहत दी। उन्होंने कहा कि, पुरुषों को अपने काम से मतलब रखना चाहिए। उन्हें महिलाओं के कपड़े, उनके शरीर की बनावट आदि से दूर रहना चाहिए। यह महिलाओं का फैसला होना चाहिए की वो क्या पहनेंगी, पुरुषों को बीच में नहीं पड़ना चाहिए।