देश के नाम संबोधन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि तीनो कृषि कानूनों को वापिस लिया जाएगा । पीएम मोदी आज प्रकाश पर्व के मौके पर राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे । इसके साथ ही पीएम मोदी ने धरना दे रहे किसानों को वापिस घर लौटने की अपील की है ।
तीनों नए कृषि कानून वापिस लेने का एलान
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानो के हित में ,राष्ट्र हित मे,और गांव गरीब के लिए पूरी ईमानदारी से ये कृषि कानून लेकर आयी थी ।हमने किसानो को समझाने के प्रयास किये लेकिन इसके बावजूद कुछ किसानों को समझा नही पाये ।
हमारे प्रयासों को सराहते हुए कृषि क्षेत्र से जुड़े अर्थशास्त्रियों , साइंटिस्ट और प्रगतिशील किसानों ने भी प्रयास किये कि किसान इन कानूनों के महत्व को समझे । लेकिन कुछ किसान समझ नही पाये। इसलिए हमारी सरकार तीनो कृषि कानूनों को वापिस लेती है । शायद हमारी तपस्या में कुछ कमी रही होगी जो हम समझा नही पाये ।
संसद शीतकालीन सत्र में कानून वापिस लेगी
सरकारकृषि कानूनों के ख़िलाफ़ देशभर में प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा सरकार आने वाले शीतकालीन सत्र में कृषि कानून वापिस लेगी। नवंबर के आखिरी में शुरू होने जा रहे सत्र में कृषि कानूनों को रिपील करने की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी । मोदी ने घोषणा करते हुए किसानों के लिए लगातार काम करने का भरोसा दिलाया । उन्होंने कहा कि हम इसी सेवा भाव के साथ देशवासियों का जीवन आसान बनाने में जुटे रहेंगे । हमारे लिए किसान सर्वोच्च प्राथमिकता में आते है।
छोटे किसानों की चुनोतियाँ दूर की
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश को पवित्र प्रकाश पर्व की बधाई देने के बाद किसानों की बात की । उन्होंने कहा कि हमने छोटे किसानों की समस्याओं पर काम किया । अपने 50 साल के सार्वजनिक जीवन मे किसानों की परेशानी निकट से देखी है और महसूस की है। अब जब मुझे देश सेवा का अवसर मिला तो मैने सदैव उन्हें प्राथमिकता दी । हमारी पहल करने से देश मे कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है। किसानों के लिए बजट आवंटन 5 गुणा बढ़ाया है । छोटी सिंचाई के लिए भी बजट दोगुना किया है।
किसानों से घर लौटने की अपील
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने किसानों से घर लौटने की अपील की । उन्होंने कहा कि हमने कृषि कानूनों को वापिस लेने का फैसला लिया है अब आप अपने घर अपने परिवार के बीच लौट जाये । अपने खेत मे लौट जाए और एक नई शुरुआत करें।
बता दे कि कृषि कानून लाने के बाद से ही देशभर में कई जगह किसान कृधि कानूनों को वापिस लेने की मांग करते हुए धरने पर बैठे है।