टेस्ट क्रिकेट के सफलतम कप्तानों में से एक विराट कोहली के इस्तीफे ने सभी को चौंका कर रख दिया है। उनके फैंस लगातार इस बात के लिए बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पर निशाना साध रहे हैं। क्रिकेटर के फैंस आरोप लगा रहे हैं कि गांगुली के साथ विवाद के चलते विराट को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। यही वजह है कि सोशल मीडिया के जरिये कई फैंस सौरव गांगुली के इस्तीफे को लेकर मांग कर रहे हैं।
लेकिन क्या आपको पता है कि जल्द ही सौरव गांगुली और जय शाह की बीसीसीआई से छुट्टी हो सकती है।

2022 में खत्म होगा कार्यकाल
जी हां, बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह जल्द ही क्रिकेट बोर्ड को अलविदा कहने वाले हैं। इसकी वजह उनका कार्यकाल है। दरअसल, इसी साल अक्टूबर के महीने में दोनों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जिसकी वजह से दोनों को अपने-अपने पदों से सेवा निवृत्ति लेनी पड़ेगी।
बता दें, सौरव गांगुली और जय शाह अक्टूबर 2019 में BCCI के अध्यक्ष और सचिव निर्वाचित हुए थे। हालांकि, इससे पहले साल 2018 में जब दोनों का कार्यकाल समाप्त हुआ था तब बीसीसीआई ने कूलिंग ऑफ पीरियड नियम में संशोधन कर कार्यकाल को बढ़ाने की मंजूरी दे दी थी।

बीसीसीआई ने किया अपने नियमों में संसोधन
मालूम हो, बीसीसीआई देवारा लागू किए गए नियमों के अनुसार राज्य संघ या क्रिकेट बोर्ड में 6 साल के कार्यकाल के बाद 3 साल के कूलिंग पीरियड पर जाना अनिवार्य होता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीसीसीआई एक बार फिर अपने नियमों में बदलाव कर सौरव गांगुली और जय शाह का कार्यकाल बढ़ाती है या फिर बीसीसीआई को एक नया अध्यक्ष और सचिव मिलता है।
गौरतलब है, बीसीसीआई के अध्यक्ष के रुप में निर्वाचित होने से पहले सौरव गांगुली बंगाल क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव थे बाद में उन्हें अध्यक्ष के रुप में चुना गया था। वहीं, दूसरी ओर जय शाह को गुजरात क्रिकेट बोर्ड के सचिव के रुप में चुना गया था।

सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब गांगुली और शाह ने 2019 में बीसीसीआई के पदों पर कार्यभार संभाला था इस दौरान उनके राज्य और राष्ट्रीय इकाई में 6 साल के कार्यकाल में केवल 9 महीने बचे थे। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में कहा गया था कि बोर्ड ने 9 अगस्त 2018 से लागू कूलिंग ऑफ पीरियड में जाने के नियम में संशोधन कर अपने पदाधिकारियों के कार्यकाल को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।