भारत की आजादी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को भला कोई कैसे भूल सकता है। यह देश उनका सदैव आभारी रहेगा। यही कारण है कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारत सरकार ने इंडिया गेट के सामने उनकी प्रतिमा स्थापित करने का फैसला लिया है।

पीएम ने किया ट्वीट
इस बात की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी ने खुद दी। शुक्रवार को पीएम मोदी ने ट्वीट कर बताया कि केंद्र सरकार ने भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस को संपूर्ण भारत की तरफ से श्रंद्धाजलि अर्पित करने की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि नेताजी की 125वीं जयंती पर इंडिया गेट के सामने उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

‘मैं करुंगा लोकार्पण’
पीएम मोदी ने लिखा कि कि ऐसे समय में जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है तो मुझे आपसे यह साझा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि ग्रेनाइट की बनी उनकी एक भव्य मूर्ति इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी। यह नेताजी के प्रति देश के आभार का प्रतीक होगा। उन्होंने आगे लिखा कि जब तक नेताजी की ग्रेनाइट की प्रतिमा बनकर तैयार नहीं हो जाती तब तक उस स्थान पर उनका एक होलोग्राम वाला स्टैच्यू लगाया जाएगा। मैं 23 जनवरी को नेताजी के जन्मदिन पर इसका लोकार्पण करूंगा।

इंडिया गेट से हटेगी ‘अमर जवान ज्योति’
बता दें, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगाने के साथ ही इंडिया गेट पर मौजूद अमर जवान ज्योति को हटाने का फैसला लिया गया है। सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशानुसार, 1971 और अन्य युद्धों में शहीद होने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देती अमर जवान ज्योति को नेशनल वॉर मेमोरियल में शिफ्ट किया जाएगा।

इंदिरा गांधी ने किया था उद्घाटन
मालूम हो, इस ज्योति की स्थापना उन सैनिकों की याद में बनाई गई थी जिन्होंने 1971 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध में अपनी जान गंवाई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन शहीदों की याद में इस अमर जवान ज्योति का निर्माण कराया था। 26 जनवरी 1972 को पीएम ने इसका उद्घाटन किया था।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में जल रही लौ में होगा विलय
गौरतलब है, अमर जवान ज्योति की लौ को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में विलय करने की योजना बनाई गई है। यह स्मारक इंडिया गेट से महज़ 400 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने 25 फरवरी 2019 को किया था। इसमें 25,942 युद्धवीरों के नाम अंकित हैं।