अक्षय कुमार की सम्राट अक्षय कुमार को कुवैत और ओमन में प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह पहली बार नही है जब अक्षय की किसी फ़िल्म को दूसरे देश में बैन किया गया है। अक्षय के अलावा और भी कई सितारों की फिल्में विभिन्न देशों में बैन है। प्रतिबंध लगाने वाले देश इसके लिए अपना पक्ष रखते हुए कारण बताते हैं। कुछ कारणों को जानकर तो आपको हैरानी भी होगी।
1. चाँदनी चौक टू चाइना (16 जनवरी 2009)
भारत की पहली कुंफू कॉमेडी फ़िल्म को पड़ोसी देश नेपाल में प्रतिबंधित किया गया था। पहले नेपाल के सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म के कुछ दृश्य काँटे लेकिन जब वहां के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया तो फ़िल्म को ही बैन कर दिया गया। दअरसल अक्षय अभिनीत फ़िल्म के नैरेशन में भारत को गौतम बुद्ध का जन्मस्थल कहा गया था। वहाँ के लोगों की भावनाएँ आहत हुई और अक्षय की फ़िल्म नेपाल में बैन हुई। क्या आप जानते हैं कि अक्षय की शुरुआती फिल्में कहीं चले न चले लेकिन नेपाल में खूब चलती थी। अक्षय इसका जिक्र कई इंटरव्यूज में कर चुके हैं।

2. ओह माय गॉड (28 सितंबर 2012)
यह फ़िल्म तो रिलीज के समय भी विवादों में रही। धार्मिक भावनाएँ आहत करने के आरोपों के बावजूद यह फ़िल्म 100 करोड़ क्लब में शामिल हुई थी। परेश रावल इस फ़िल्म में मुख्य किरदार निभा रहे थे और अक्षय, भगवान श्री कृष्ण के अवतार में थे। इस फ़िल्म पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ ही मलेशिया में भी प्रतिबंध लगाया गया था। कारण था धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास।

3. बेबी (23 जनवरी 2015)
अक्षय की यह फ़िल्म एक सीक्रेट मिशन की कहानी थी जिसमें पाकिस्तानी आतंकवादी को दुबई से पकड़कर लाया जाता है। अब आप समझ ही गए होंगे कि पाकिस्तान ने ही इस फ़िल्म पर प्रतिबंध लगाया था। अक्षय की इस फ़िल्म को नीरज पांडेय ने डायरेक्ट किया था जिसमें तापसी पन्नू ने भी अहम भूमिका निभाई थी।
4. पैडमैन (9 फरवरी 2018)
टैबू विषय पर आधारित इस बायोपिक की खूब सराहना हुई। लेकिन इस फ़िल्म को पाकिस्तान ने अपने देश में रिलीज होने नही दिया। कुछ विचित्र कारणों से, पाकिस्तान के संघीय सेंसर बोर्ड ने पैडमैन पर प्रतिबंध लगा दिया जो महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से सुलभ सैनिटरी नैपकिन के बारे में थी। उन्होंने कहा कि आर बाल्की की यह फ़िल्म उनकी संस्कृति और परंपराओं के खिलाफ है। फ़िल्म को रिलीज न करने का यह कारण ज़रूर चौंकाने वाला है।

5. बेल बॉटम (19 अगस्त 2021)
कोरोना काल के बाद यह अक्षय की पहली फ़िल्म थी जो बड़े पर्दे पर आई थी। ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ के आरोप में इस फ़िल्म पर सऊदी अरब, कुवैत और कतर ने प्रतिबंध लगा दिया था। यह फ़िल्म सच्ची घटना पर आधारित थी। फ़िल्म में अक्षय के साथ वाणी कपूर, हुमा कुरैशी और लारा दत्ता ने भी अहम भूमिका निभाई थी।