Thursday, May 7, 2026

योगी के डर से लगे बोर्ड – मैं चोरी का सामान नहीं खरीदता

वैसे तो देश के हर एक कोने में कबाड़ का व्यापार करने वाले आपको मिल जाएंगे, लेकिन जैसे ही आप मेरठ के सोतीगंज की कबाड़ मार्केट में घुसेंगे वहां का नज़ारा कुछ अलग ही दिखेगा। यहां साईकिल से लेकर बीएमडब्ल्यू तक सभी चीजों को किलो के हिसाब से बेंच दिया जाता है। खास बात यह है कि इन वस्तुओं की कीमत बहुत सस्ती होती है।

कबाड़ व्यापारियों को लगा सीएम योगी से डर

पश्चिमी यूपी की सबसे बड़ी कबाड़ मार्केट के रुप में विख्यात मेरठ का सोतीगंज इलाका पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चा में है। इसकी वजह है यहां के लोग और इनका धंधा। दरअसल, इन लोगों को अब कबाड़ का व्यापार करने में भय सताता है। इसकी वजह है राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ।

चोरी-डकैती की वारदातें बढ़ी

मालूम हो, सोतीगंज की इस कब़ाड़ मार्केट में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और यूपी समेत तमाम राज्यों से गाड़ियां चुराकर लाई जाती थीं जिनके पुर्जों को रातों-रात खोलकर मार्केट में बेंच दिया जाता था। इन सभी पार्ट्स को औने-पौने दामों में बेंचने का धंधा इतना फला-फूला कि धीरे-धीरे इस मार्केट का नाम प्रसिद्ध हो गया। कई बार तो प्रोडक्ट्स की डिमांड इतनी बढ़ जाती कि दुकानदारों को ऑर्डर देकर चीजें मंगवानी पड़ती। इसकी वजह से राज्य में चोरी-डकैती की वारदातें अधिक होती थीं।

संसद में उठा मामला

हालांकि, मार्केट के व्यापारियों पर कभी भी कोई कार्रवाई नहीं हुई जिसकी वजह से इन लोगों के हौंसले काफी बुलंद थे। इलाके में बढ़ती चोरी-चकारियों के इस मुद्दे को कई बार संसद में भी उठाया गया। मेरठ से सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने साल 2016 और 2018 में यह मामला संसद में उठाया था। जिसके बाद राज्य की योगी सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

सीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद एक के बाद एक व्यापारी पर शिकंजा कसा गया। कईयों की संपत्ति कुर्क की गई, कई लोगों को जेल में डाला गया। जिसके बाद आज की तारीख में स्थिति यह हो गई है कि जिन गलियों में कभी चोरी का सामान बिकता था आज वहां कपड़े बिक रहे हैं।

मैं चोरी का सामान नहीं बेचूंगा

इस पूरी प्रक्रिया में सबसे हैरतंगेज़ बात यह है कि प्रशासन के खौफ से डरे व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर बोर्ड लगा रखा है कि ‘अब यहां जूते-कपड़े बिकते हैं’। बोर्ड पर लिखा है, ‘मैं पुराना कबाड़ का व्‍यापार करता हूं। मैंने न तो चोरी का सामान खरीदा है और न ही बेचा है और न ही मैं चोरी का सामान खरीदूंगा और न ही बेचूंगा। अगर मेरी मार्केट कोई चोरी का काम करेगा तो उसकी सूचना मैं उच्‍च अधिकारी को दूंगा।’

जूते-चप्पल बेंचकर कर रहे गुज़ारा

स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, राज्य सरकार की कार्रवाई के डर से कोई भी कबाड़ के व्यापार में हाथ आज़माना नहीं चाहता है। वे लोग जो किसी ज़माने में कबाड़ मार्केट के शहंशाह होते थे आज वे जूते-चप्पल बेंचकर अपना गुज़ारा कर रहे हैं।

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