हेलीकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हुए CDS बिपिन रावत का जन्म और उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के सेंज गांव में 1958 में हुआ था उनके परिवार के कई सदस्य सेना में अधिकारी रह चुके थे जनरल बिपिन रावत के पिता लक्ष्मण सिंह रावत भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हुए थे
पैतृक गांव में स्कूल खोलना चाहते थे CDS बिपिन रावत
जनरल रावत ने अपने पैतृक गांव सेंस में बहुत ज्यादा समय नहीं बताया अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए उन्हें देहरादून भेज दिया गया जहां उन्होंने कैंब्रियन स्कूल हिल स्कूल में पढ़ाई की इसके बाद शिमला में सैंट एडवर्ड स्कूल से पढ़ाई की शिक्षा के बाद में वह मैंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी में शामिल हुए ।

जनरल रावत ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह रिटायर होने के बाद अपने गांव लौटना चाहते हैं और वहां एक स्कूल खोल कर बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं उनका गांव बहुत छोटा गांव है जहां कुछ समय पहले तक सड़क भी नहीं थी।
मुख्यमंत्री से की थी सड़क बनाने की मांग
दो हजार अट्ठारह में जॉब दिवंगत सीरियस रावत ने अपने जिले का दौरा किया था तो उनके गांव तक सड़क नहीं थी संपर्क न होने के कारण गांव से लगातार पलायन हो रहा था गांव में मुश्किल से 20-25 घर थे इस दौरान जब जनरल रावत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिले तो उनसे अपने गांव तक सड़क बनाने का निवेदन किया था ताकि गांव शहर से जुड़ सके।
पैतृक गांव में गमगीन माहौल
सीरियस विपिन रावत के गांव में उनके चाचा भरत सिंह रावत का परिवार रहता है जब दुर्घटना की सूचना मिली उनके चाचा बाजार गए हुए थे घर पर काफी लोग जमा हो चुके थे आसपास के क्षेत्र से लोग सांत्वना देने आ रहे हैं पैतृक गांव चेंज का माहौल गमगीन है सभी की आंखें आंसुओं से दूरी जनरल रावत कई साल पहले 2018 में आखरी बार अपने गांव आए थे वह थोड़ी देर ही रुके थे ग्रामीणों के अनुसार वह रिटायर होने के बाद गांव में मकान बनाना चाहते थे और शहर के भीड़भाड़ भरे माहौल से दूर गांव की शांति में रहना चाहते थे
मध्यप्रदेश में सैनिक स्कूल की थी तैयारी
सीरियस जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद उनके एक रिश्तेदार मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी है कि वह मध्य प्रदेश के शहडोल में एक सैनिक स्कूल खोलना चाहते थे रिश्ते में उनके साले यशवर्धन नहीं सरकार से इस हादसे की जांच करने की मांग की है हादसे में सीरियस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की जान गई है दुर्घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है