दुनिया के सबसे अनमोल रिश्तों में से एक होता है बहन-भाई का रिश्ता। इस रिश्ते में बचपन की खट्टी-मीठी यादों और जवानी के हसीन किस्सों का मिश्रण होता है जो कि इसे अत्यधिक खूबसूरत बनाता है। किसी बहन के लिए उसका भाई किसी सुपरहीरो से कम नहीं होता है जबकि भाईयों के लिए उसकी बहन ही सबकुछ होती है। बेशक भाई-बहनों के बीच ज्यादातर लड़ाई होती है लेकिन दिलों में एक-दूसरे के प्रति इतना प्यार होता है जिसकी कोई सीमा नहीं होती।
हर भाई का सपना होता है कि वह अपनी बहन की शादी होते देखे। उसके हाथों में मेहंदी लगते देखे। प्रत्यक्ष रुप से ऐसा देखने वालों को बड़ा सौभाग्यशाली माना जाता है भी जबकि कुछ लोगों को यह मौका नहीं मिल पाता है। वे या तो किसी काम से दूर होते हैं या फिर उनके रिश्तों में इतनी मिठास नहीं होती कि वे एक-दूसरे की खुशी में शामिल हो सकें।
बहन की शादी से पहले शहीद हो गया जवान
हालांकि आज हम जिस बहन-भाई के रिश्ते की बात करने जा रहे हैं उसके बारे में जानकर आपका दिल भर आएगा। हम बात कर रहे हैं रायबरेली की ज्योति सिंह की। दरअसल, ज्योति के भाई शैलेंद्र प्रताप सिंह सीआरपीएफ के जवान थे। पिछले वर्ष 5 दिसंबर को जम्मू में हुए आतंकी हमले में उनका देहांत हो गया था। इस भाई की इच्छा थी कि वह अपनी बहन की डोली उठते देखे। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था और उसकी यह ख्वाईश अधूरी रह गई।
शहीद साथी की बहन की शादी में पहुंचे दर्जनों जवान
कहते हैं भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं, यह कहावत उस दिन सच होते सबने देखी जब ज्योति की शादी के दौरान दर्जनों जवानों ने अपने साथी शैलेंद्र की कमी को पूरा किया और भाई की सभी रस्मों को अदा किया।

मंगलवार को, रायबरेली के प्लीजेंट व्यू मेरिज हॉल में सीआरपीएफ के जवानों ने पहुंचकर सभी को चौंका दिया। उनके शहीद साथी शैलेंद्र प्रताप सिंह की बहन ज्योति की शादी को धूमधाम से संपन्न कराने के लिए जवानों ने जी जान लगा दी।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, यह नज़ारा देखकर सभी की आंखे नम हो गईं। सभी जवानों ने दुल्हन को आशीर्वाद के साथ-साथ एक अंगूठी और तमाम उपहार दिए और उसे विश्वास दिलाया कि उसके ये सभी भाई अभी जिंदा हैं।
मुझे इतने सारे बेटे मिल गएः शहीद के पिता
गौरतलब है, इस पूरे घटनाक्रम को देखने के बाद शहीद जवान के पिता मीडिया कर्मियों से बात करते हुए फफक कर रो पड़े। उन्होंने कहा कि ‘भगवान ने मेरा एक बेटा ले लिया लेकिन मुझे इतने सारे बेटे दे दिए’।