Thursday, May 28, 2026

1857 के युद्ध वो 20 मुख्य योद्धा जिनकी लीडरशिप ने ब्रिटिश सरकार की नींव हिला दी थी

कहा जाता है कि अगर 1857 स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई के वक्त सारे भारतीय राजा एक हो जाते तो हमारा भारत देश अंग्रेजो से उसी समय आजाद हो जाता. हालांकि इस विद्रोह ने अंग्रेजो की नींव हिला कर रख दी थी. जिसकी शुरुआत 10 मई 1857 में हुई थी. इस संग्राम की शुरुआत पटना से हुई थी और बढ़ते हुए यह संग्राम राजस्थान तक पहुँच गया था.

इस लड़ाई के मुख्य केंद्र दिल्ली से लेकर बिहार, झाँसी, कानपुर, लखनऊ, बरेली, ग्वालियर और आरा थे. इस विद्रोह की शुरुआत सैन्य विद्रोह के रूप में हुई थी. लेकिन धीरे-धीरे यह विद्रोह अंग्रेजी सत्ता को उखाड़ फेंकने तक पहुँच गया. ये युद्ध सैन्य विद्रोह से अलग इसलिए हो गया था. क्योंकि बाद में इस युद्ध की बागडोर बड़े-बड़े नायकों ने अपने हाथ में ले ली थी. हालाँकि ये संग्राम बिफल हो गया. लेकिन इसके जरिये अंग्रेजो को भारतियों की ताकत का अंदाजा हो गया था.

इस युद्ध में पुरे भारत के महारथियों ने हिस्सा लिया था, जिन्होंने भारत को आजाद कराने के लिए अपने प्राण न्योंछावर कर दिए थे. आइये जानते है उन वीरों के बारे में..

  1. कानपुर के नाना साहेब 

 

 

नाना साहेब
नाना साहेब

कानपुर की सीमा के लिए इस संग्राम में नान साहेब ने बागडौर सम्भाली थी. उस समय इनका साथ तांतिया टोपे, राव साहब और अजीमुल्ला खान ने दिया था.

2. मंगल पांडे

मगंल पांडे
मंगल पांडे

मंगल पांडे उस समय पक्शिम बंगाल के बैरकपुर में अंग्रेजी सेना में तैनात थे. इन्होने वही से अंग्रेजो के खिलाफ जंग छेड़ना शुरू क्र दिया था. इतिहास के मुताबिक इन्हीं की वजह से इस संग्राम को चिंगारी मिली थी.

3. बहादुर शाह जफर 

bahadur shah jafar

बहादुर शाह जफर ने दिल्ली में रहकर इस संग्राम में हिस्सा लिया था.

4. बेगम हजरत महल 

बेगम हजरत महल

लखनऊ के बेगम हजरत महल ने लखनऊ में रहकर इस युद्ध का नेतृत्व किया था. जिनका समर्थन बिरजिस कादिर ने किया था. जो पूर्व नबाब के सलाहकार रहे थे.

5. लाला प्रताप सिंह

लाला प्रताप सिंह
लाला प्रताप सिंह

बिसेन राजपूत वंश से सम्बन्ध रखने वाले लाला प्रताप सिंह.

6. मनीराम दीवान 

मनीराम दीवान

असम से मनीराम दीवान जी युद्ध का नेतृत्व किया था.

7. जनरल बख्त खान 

जनरल बख्त खान
जनरल बख्त खान

दिल्ली में जनरल बख्त ने अंग्रेजो का मुकाबला किया.

8. तात्या टोपे 

तात्या टोपे
तात्या टोपे

ग्वालियर के राजा तात्या टोपे ने ग्वालियर में रहकर मोर्चा संभाला.

9. खान बहादुर खान 

बरेली में खान बहादुर खान ने अंग्रेजो को खदेड़ा.

10. मौलवी लियाकत अली 

इलाहाबद और बनारस से मौलवी लियाकत अली ने कमान संभाली.

11. तफ्फजुल हुसैन खान 

फर्रुखाबाद में तफ्फजुल हुसैन खान ने बगावत की इस लड़ाई में अपना दम दिखाया.

12. मौलवी अहमदुल्लाह 

 

ये फ़ैजाबाद में इस संग्राम का हिस्सा रहे थे और इन्होंने ही इस युद्ध को अंग्रेजो के खिलाफ जिहाद का नाम दिया था.

13. कुअर सिंह 

कुअर सिंह

बिहार राज्य में  राजा कुअर सिंह ने जंग में साथ दिया.

14. रानी लक्ष्मीबाई 

रानी लक्ष्मीबाई

झाँसी से रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजो से लड़ते हुए अपने प्राण देश के नाम कर दिए.

15. फिरोज शाह 

फिरोज शाह

मंदसौर से फिरोज शाह

16. राजा प्रताप सिंह 

ओडिशा से राजा प्रताप सिंह

17. गजाधर सिंह 

राजस्थान से गजाधर सिंह

18. सेवी सिंह, कदम सिंह 

गौरखपुर से सेवी सिंह और कदम सिंह शामिल थे. इन्हीं वीरों ने मथुरा को भी संभाला था.

19. कंडा परेश्वर सिंह, मनीराम 

असम से कंडा परेश्वर  सिंह, मनीराम वीरों की भांति शहीद हुए.

20. अब्दुल अली खान 

मुरादाबाद से अब्दुल अली खान.

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