अपनी खूबसूरती और बेहतरीन अदाकारी से सुपरस्टार मीना कुमारी ने लाखों लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई लेकिन जिंदगी भर प्यार के लिए तरसती रहीं। मीना कुमारी के कई रिश्ते रहे लेकिन सबने उन्हें धोखा ही दिया। लगातार रिश्ते टूटने की वजह से उन्हें बॉलीवुड की ट्रेजेडी क्वीन कहा जाने लगा था. मीना कुमारी का असली नाम मजहबी बानो था. आइए हम आपको बताते हैं उनके प्यार के किस्से।
कब कमाल अमरोही से हुआ प्यार-
मीना कुमारी को पहला प्यार हुआ डायरेक्टर कमाल अमरोही से और कमाल उनसे उम्र में काफी बड़े थे. कमाल पहले से ही दो शादियां कर चुके थे और 3 बच्चों के पिता थे लेकिन मीना कुमारी ने फिर भी उनको टूटकर प्यार किया। घरवालों की मर्जी के खिलाफ मीना ने कमाल से शादी और दौलत छोड़कर केवल कुछ कपड़ों के साथ कमाल के घर पर शिफ्ट हो गईं. शादी के कुछ दिनों के बाद कमल अमरोही का बर्ताव मीना कुमारी के साथ बदल गया और कमाल मीना की तरक्की से जलने लगे और उनपर शक भी करने लगे. कमाल ने कभी मीना कुमारी को माँ नहीं बनने दिया और अंततः 12 साल बाद मीना ने कमाल का घर छोड़ दिया।

धर्मेंद्र के साथ अधूरा रहा इश्क़-
जब माचो मैन धर्मेंद्र सिनेमा की दुनिया में आए तो मीना कुमारी उनकी मेंटोर बनीं। कहा जाता है की मीना कुमारी ने सिनेमा की दुनिया में धर्मेंद्र की खूब मदद की। दोनों करीब और एक दूसरे से प्यार करने लगे लेकिन दोनों ही शादीशुदा थे इसलिए इश्क़ अधूरा रहा गया और मीना कुमारी को इस प्यार से भी किनारा करना पड़ा.

गुलजार के करीब ले गया शायरी लिखने का शौक-
मीना कुमारी को शायरी लिखने का शौक था और ये आदत उन्हें लेखक गुलजार के करीब ले गई. कहते हैं कि मीना कुमारी ने सबके सामने स्टूडियो में गुलजार को प्रपोज किया। लेकिन दोनों के बीच प्रेम का संबंध ज्यादा दिन तक नहीं रहा और फिर अपनी निजी डायरियां गुलजार को सौंपकर मीना कुमारी इस दुनिया से चली गईं. उस वक्त उनकी उम्र महज 40 वर्ष थी.

पति की वजह से राजकुमार के करीब नहीं आईं-
फिल्म पाकीजा की शूटिंग के दौरान अभिनेता राजकुमार ने मीना कुमारी से प्यार करना शुरू कर दिया। ये प्यार इस कदर था की वो मीना कुमारी को देखकर डायलॉग भूल जाते थे. मीना कुमारी के पति कमाल अमरोही इस फिल्म के डायरेक्टर थे और उन्हें इस बात की भनक लगी तो उन्होंने मीना कुमारी और राजकुमार के बीच बहुत कम सीन करवाए थे.

अधूरी मोहब्बतों का दर्द मीना कुमारी को डिप्रेशन में ले गया और शराब की लत से जूझने लगीं। वो हमेशा श’राब के नशे में रहती थीं. आख़िरकार चालीस वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया.