हमारे समाज में कई प्रथाएं हैं , अलग समाज में अलग अलग प्रथा है. ये तो सभी जानते हैं लड़कियां उम्र के एक पड़ाव में पीरियड जैसे नेचुरल प्रोसेस से गुजरती हैं. लेकिन पीरियड को लेकर हर एक देश और समाज में अलग अलग प्रथा है. कही कहीं तो इसे एक गुनाह के तौर या पाप के तौर पर देखा जाता हैं और लड़कियों के साथ बहुत ही बुरा व्यवहार किया जाता है जिसे सुन दिल दहल जाता है. ऐसा ही एक देश है नेपाल जहां पर पीरियड के दौरान लड़कियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है जिसे सुन आप दंग रह जाएंगे. नेपाल में इस प्रथा को चौपाड़ी प्रथा कहा जाता है. चलिए जानते हैं ये चौपड़ी प्रथा है क्या.
क्या है चौपाड़ी प्रथा
नेपाल के पश्चिमी इलाके में हिंदू आबादी ज्यादा है. इन इलाकों में चौपाड़ी प्रथा ज्यादा है. इस प्रथा में जिन लड़कियों या महिलाओं को पीरियड्स आता है उन्हें घर से बाहर एक झोपड़ी में रखा जाता है. जिन लड़कियों की शादी नहीं हुई रहती उन्हें चौपाड़ी प्रथा के अनुसार 6 दिन तक झोपड़ी में रखा जाएगा, और जिन लड़कियों की शादी हो गई है और उसके बेटा बेटी दोनों हैं तो उन्हें 5 दिन तक झोपड़ी में रखा रखा जाएगा, जिन महिलाओं को सिर्फ बेटी है उसे 7 दिन तक झोपड़ी में रखने की प्रथा है.

महिलाओं को झोपड़ी में रखा जाता है
चौपाड़ी प्रथा में कुछ घर में एक ही झोपड़ी होती है घर की महिलाएं बारी बारी से उसका उपयोग करती हैं, तो कुछ घर ऐसे इलाके में होते हैं जहां झोपड़ी बनाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती ऐसे घरों में अंदर ही एक अगल थलग पड़े कोने में महिलाओ को रखा जाता है. महावारी के दौरान महिलाएं घर का कोई समान छू नहीं सकती रसोई में जा नही सकती यहां तक की घर के नलके को भी छू नहीं सकती. लेकिन सवाल ये है कि पीरियड्स को इतना अशुद्ध क्यों माना जाता है.

क्यों महावारी को अशुद्ध माना जाता है
हिंदू धर्म में महावारी से गुजर रही औरतों या लड़कियों को काफी भेदभाव झेलना पड़ता है. ऐसा माना जाता है कि पीरियड्स में अगर वे घर के अंदर आ गई तो देवी देवता नाराज हो जाएंगे घर अशुद्ध हो जाएगा. नेपाल के चौपाड़ी प्रथा ने महिलाओं का सिर्फ शारीरिक शोषण ही नही बल्कि मानसिक और भावनात्मक शोषण किया है. नेपाल की चौपाड़ी प्रथा भयानक इसलिए है क्योंकि इस प्रथा के चलते महिलाएं और लड़कियां मर रही हैं. 2017 में 19 साल की एक लड़की पीरियड्स के दौरान झोपड़ी में सोने गई और साप काटने से मर गई. कई लड़कियां चौपाड़ी प्रथा की बलि चढ़ चुकी हैं.

नेपाल सरकार ने इस प्रथा को माना है अपराध
नेपाल सरकार ने अब इस प्रथा को अपराध माना है और इसके तहस अगर कोई परिवार चौपाड़ी प्रथा अपनाता है तो उसे 3 हजार का जुर्माना और 3 महीने की कैद होगी. आप को क्या लगता है क्या लोग इस कानून का पालन करेंगे या पीठ पीछे आगे भी चौपाड़ी प्रथा की आड़ में महिलाओं और लड़कियों का शोषण करते रहेंगे. हमे कमेंट कर के जरूर बताइए.