Friday, April 17, 2026

जब लता मंगेशकर को दिया गया था धीमा जहर, 33 की उम्र में ही थम जाती सांसे, उनके ही घर के..

सुरों की देवी माने जानी वाली लता मंगेशकर ने बीतें कुछ महीनों पहले आखिरी साँस ली थी. लेकिन अपने गीतों के जरिये वो हमेशा भारतियों और दुनिया भर में मौजूद उनके फैन्स के दिलों में जिन्दा रहेंगी. उन्होंने अपनी बेमिसाल आवाज में करीब 30 हजार गाने, गाने का रिकोर्ड बनाया था. आइये जानते है इस महान गायिका के जिन्दगी जुड़ा एक खौफनाक किस्सा जिससे लता को भगवान् ने बचा लिया था.

उल्टियों से हो गया था लता जी का बुरा हाल

अपनी आवाज के दम पर पूरी दुनिया में नाम कमाने वाली लता मंगेशकर को 33 साल की उम्र में जान से मारने की कोशिश की गयी थी. जी हाँ आपने सही सुना. जब लता जी अपने सातवें दशक में हीट गाने देने में व्यस्त थी. उस समय उनके घर में ही उन्हें मारने की प्लानिंग की जा रही थी. इस बात का खुलासा तब हुआ जब एक दिन अचानक उनके पेट में दर्द उठा और थोड़ी देर में उन्हें बेहिसाब उल्टियाँ होना शुरू हो गया था.

स्लो प्वॉइजन देकर की जा रही थी मारने की कोशिश

शुरू में तो उन्हें ऐसा लगा कि किसी आम वजह से उन्हें उल्टियाँ हो रही है. लेकिन उनकी उल्टियाँ रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी. हर बार उन्हें उलटी करते वक्त हरे रंग की चीज दिखाई दे रही थी. जो काफी अजीब बात थी. इन उल्टियों के बाद से उनका चलना फिरना भी दूभर हो गया था.

लता मंगेशकर
लता मंगेशकर

जब डॉक्टर ने उनका चेकअप किया तो लता जी नींद के लिए इंजेक्शन देना पड़ा था. क्योंकि उन्हें दर्द की वजह से नींद तक नहीं आ रही थी. करीब 3 दिनों तक लता जी की ऐसी ही हालत रही. उनकी हालत देख कर उस समय ऐसा लग रहा था कि अब लता जी शायद ही जिन्दा बच पाएंगी. इस बीच उनके तमाम चेकअप भी किये गए, जिसके रिजल्ट को देखकर डॉक्टर ने जो बताया उसे सुनकर सबके होश उड़ गए. डॉक्टर ने बताया कि लता जी को स्लो प्वॉइजन दिया जा रहा था.

उनका कुक ही दे रहा था धीमा जहर

जैसे ही इस घटना का खुलासा हुआ, ये खबर सुन लता जी का कुक फौरन फरार हो गया था. यहाँ तक की उसने अपना वेतन भी नहीं लिया. उसकी इस हरकत से सब लोग समझ गए थे कि यही कुक उन्हें लगातार कई दिनों से खाने में स्लो प्वॉइजन मिलाकर खिला रहा था.

लता मंगेशकर

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ये कुक लता जी के अलावा कई बॉलीवुड कलाकारों के यहाँ काम कर चूका था. वो तो भगवान् की खैर रही कि इस बात का खुलासा जल्दी हो गया. नहीं तो शायद लता जी इस दुनिया से बहुत पहले ही विदा ले चुकी होती. इस घटना के बाद वो बच तो गयी थी. लेकिन उनकी हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि अब वो कभी गा नहीं पाएंगी. उनकी कमजोरी को देखते हुए उन्हें 3 महीने के बेड रेस्ट पर रहना पड़ा. इस दौरान वो एक भी गाने की रिकोर्डिंग नहीं कर सकी.

अपनी कमजोरी को मात देकर लता जी ने किया बाउंस बैक

लता जी के साथ हुए इस हादसे के बाद से उन्हें आँतों में दर्द होना शुरू हो गया था. उनके लिए खाना-पीना दूभर हो गया था. उस समय वो सूप को भी ठंडा करके ही ले पाती थी. हालाँकि अपने साथ हुई इस घटना को भुलाकर उन्होंने फिर से बाउंस बैक करने का फैसला लिया और एक से बढ़कर एक हीट गानों को अपनी सुरीली आवाज देकर, साजिश करने वालों के मुंह पर करार थप्पड़ मारा था.

लता मंगेशकर

इस घटना के बाद से उनका विशेष ध्यान रखा गया था. उनके किचन की जिम्मेदारी ऊषा मंगेशकर ने संभाल की थी. उनको खाना परोसने से पहले चेक किया जाता था और इस घटना के बाद से उनकी सुरक्षा में कोई भी कोताई नहीं की गयी.

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