दिल्ली तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल कर बैठा प्रतिबंधित जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का प्रमुख यासीन मलिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है । मलिक ने जैल में भूख हड़ताल कर रखी थी । जिसके बाद आज उसकी तबीयत बिगड़ गई बीपी बिगड़ता देख उसे राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में एडमिट कराया गया है ।
बता दे कि यासीन मलिक पिछले पांच दिन यानी शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठा है । और कुछ खा नही रहा है । जेल प्रशासन द्वारा दिए खाने को न खाने और भूखे रहने मलिक के रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में उतार-चढ़ाव देखा गया। जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया है।
शुक्रवार से भूख हड़ताल पर था मलिक
अलगाववादी संगठन का नेता यासीन मलिक दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल की बेहद सुरक्षित जेल संख्या 7 में बंद है । जहां उसकी कोठरी में उसे अकेले रखा जाता है ।यासीन मलिक ने भूतपूर्व मुख्यमंत्री की बेटी रुबैया सईद के अपहरण मामले में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने की अनुमति मांगी थी जिसे केंद्र द्वारा ठुकरा दिया गया। इसी के विरोध में मलिक ने भूख हड़ताल शुरू कर दी ।
अपना इलाज नहीं कराना चाहता यासीन मलिक
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मलिक ने डॉक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि वह अपना इलाज नहीं कराना चाहता । शुक्रवार से यानी पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे यासीन मलिक के रक्तचाप में उतार चढ़ाव आ रहा है । जिसके बाद उसे RML hospital में ऐडमिट किया गया है ।
रुबैया सईद का किया था अपहरण
8 दिसंबर, 1989 को इनके आतंकी संगठन ने रुबैया सईद का अपहरण किया गया था जिसके बदले मे दवाब बनाकर अपने पांच साथियों को रिहा करा लिया था। ये सभी मलिक के संगठन जेकेएलएफ के लोग थे और यासीन मलिक भी इसमें शामिल था। हाल ही में कोर्ट में रुबैया सईद ने यासीन मलिक को पहचाना । रुबैया पांच दिनों तक अपहरणकर्ताओं के कब्जे में रही थी जिसके बाद वीपी सिंह सरकार पर दवाब बनाकर अपने 5 आतंकियों को छुड़ाया गया था । और बदले में रुबैया को रिहा किया था ।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मलिक ने अस्पताल के डॉक्टरों को एक पत्र लिखकर कहा है कि वह इलाज कराना नहीं चाहता है। उसके बीपी में उतार-चढ़ाव आ रहा है । बता दे कि केंद्र ने रुबैया सईद के अपहरण के मामले की सुनवाई में जम्मू की एक अदालत में यासीन को पेश होने की परमिशन नहीं दी थी, इसी वजह से मलिक भूख हड़ताल पर बैठा है ।