कांस्टेबल अनीता यादव को बनाया मिशन शक्ति का ब्रांड अम्बेसडर
2016 में यूपी पुलिस में भर्ती हुई कांस्टेबल अनीता यादव अपने जनहितेषी कार्यो को लेकर पहले भी चर्चा में रही है | कभी गरीब बच्चो की पढ़ाई में मदद करके तो कभी खानाबदोश निर्धन परिवारों के बच्चो को शिक्षा में मदद के लिए अपनी जेब से खर्च करके | कई बार छात्राओं के साथ बदतमीजी करने वाले शोहदों को भी सबक सिखाया है |
यही कांस्टेबल अनीता अब एक अलग वजह से चर्चा में है | कांस्टेबल अनीता यादव को यूपी सरकार ने मिशन शक्ति का ब्रांड अम्बेसडर बनाया है
कौन है कांस्टेबल अनीता यादव
अनीता यादव यूपी के सुल्तानपुर जिले के एक गाँव काजीपुरा की रहने वाली है | कांस्टेबल अनीता यादव के पिता केदारनाथ यादव ट्रक चलाते है | अनीता यादव ने 2016 में यूपी पुलिस को ज्वाइन किया था | उनकी पहली पोस्टिंग उन्नाव के सदर कोतवाली में हुई थी |

सदर कोतवाली में काम करते हुए अनीता अपने नेक कार्यो के लिए भी चर्चा में थी | वहां पर रहने वाले गरीब परिवारों के बच्चो की अनीता यादव ने पढ़ाई में मदद की और अपनी कमाई में से खर्च भी किया | गरीब बच्चो की कॉपी किताब और कपड़ो से लेकर खानपान पर भी उन्होंने अपनी सैलरी में से खर्च किया |
यूपी पुलिस के अधिकारियो ने मिशन शक्ति के ब्रांड अम्बेसडर के लिए करीब 150 महिलाओं की लिस्ट तैयार की थी और उनकी उपलब्धियों को जांचा | जिसके बाद कांस्टेबल अनीता का सिलेक्शन मिशन शक्ति की ब्रांड अम्बेसडर के लिए किया गया
क्या है मिशन शक्ति कार्यक्रम
महिलाओं और बालिकाओं को खुद की सुरक्षा और सम्मान के लिए जागरूक करने के लिए 17 अक्टूबर से मिशन शक्ति अभियान उत्तर प्रद्रेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा है | महिला अधिकारों के प्रति जागरूक और संवेदनशील अधिकारियो की देख रेख में यूपी पुलिस इस अभियान को चला रही है |

यूपी में महिलाओ के प्रति गंभीर अपराध के मामलो में 14 आरोपितो को फांसी की सजा सुनाई गयी है | यूपी के प्रत्येक जिले में मिशन शक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए कैंपेन चलाये जा रहे है | महिलाओ और बच्चियों के प्रति अपराध पर अंकुश पाने के लिए सभी थानों और जिलो में विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है | ये यूपी सरकार का एक महत्वपूर्ण अभियान है