शायद ही ऐसा कोई इंसान होगा जिसने जीवन में एक बार भी ट्रेन यात्रा का आनंद न लिया हो. क्योंकि आज के समय में भारतीय ट्रेन हर छोटे बड़े रूट पर अपने यात्रियों को पहुँचाने में सक्षम है. लेकिन क्या आपको ये बात पता है कि आपकी टिकट चेक करने का अधिकार किसके पास होता है.
हो सकता है आपमें से बहुत कम लोगों को इस बारे में पता हो. क्योंकि कई बार देखने में आता है कि कुछ कर्मी टिकट चेकिंग के नाम पर लोगों से उगाही कर रहे होते है. लेकिन भारतीय रेलवे के रुल के मुताबिक केवल टीटीई ही यात्रियों की टिकट चेक कर सकता है. आइये जानते है रेल यात्रा के दौरान यात्रियों के अधिकार…
टीटीई के पास होता है टिकट चेक करने का अधिकार
शायद आप में से बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि टिकट चेक करने का अधिकार टीटीई ( ट्रेवलिंग टिकट एग्जामिनर) की टीम के पास होता है. लेकिन कई बार जानकारी का अभाव होने की वजह से लोग आरपीएफ वालों को रिश्वत दे बैठते है. क्योंकि उस टाइम लोगों को यही लगता है कि उन्होंने बिना टिकट ट्रेन में चढकर बहुत बड़ा गुनाह कर दिया है. जिसका आरपीएफ के कुछ जवान बखूबी फायदा उठाकर अपनी जेब गरम कर लेते है.
हालांकि टिकट चेक करने के दौरान टीटीई चाहे तो RPF और GRP के जवानों की मदद ले सकते है। लेकिन इन दोनों ही विभाग के जवानों को अधिकार नही है कि वे खुद टिकट चेक करे ।
यहाँ एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि रात के 10 बजे के बाद TTE यात्री को डिस्टर्ब नही कर सकता है। रेलवे के द्वारा टिकट चेक करने के लिए समय निर्धारित किया गया है । सुबह 6 बजे से लेकर रात को 10 बजे तक ही टिकट चेक किये जाते है।
अगर आपके साथ ऐसा हो तो क्या करें
कई बार भूलवश या ट्रेन छूटने से बचने की हड़बड़ी में ऐसा हो सकता है कि आपने टिकट नही लिया। अगर आप भी कभी बिना टिकट लिए ट्रेन में चढ़ जाते है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है.
ऐसे में आपके पास कोई भी रेलवे पुलिसकर्मी आपसे आपकी टिकट देखने की मांग करता है. तो आप उससे टीटीई को बुलाने को कहे और बेवजह उसे फाइन देने से बचे.
जब टीटीई आ जाए तब उससे अधिकृत टिकट बनवा लें । जी हां आप ऐसी परिस्थिति में रेलवे के नियमों को मानते हुए टिकट बनवा सकते है। याद रखे इसमे आपको फाइन भी देना पड़ सकता है।
दुर्व्यवहार होने पर क्या करे ?
कई बार यात्रा करने के दौरान दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आती है। अगर आपके साथ ट्रैन के अंदर दुर्व्यवहार किया गया है तो आप टीटीई या संबंधित व्यक्ति के वरिष्ठ अधिकारी से उसकी शिकायत कर सकते है.
किसी गंभीर स्थिति में आप रेलवे पुलिस से मदद मांग सकते है। रेलवे के संबंधित अधिकारियों को मेल अथवा ट्विटर के द्वारा भी शिकायत कर सकते है।
जिसके एवज में दुर्व्यवहार करने वाले के खिलाफ कठोर कार्यवाही का प्रावधान है। जिसमें दोषी पाए जाने पर दोषी को जेल के साथ सस्पेंड तक किया जा सकता है.
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बिल्कुल सही निर्देश और आदेश साहब